आइए जानते हैं वे 10 बातें जिन्हें यदि आप अपने दैनिक जीवन में अपना लेंगे तो कभी नहीं पड़ेंगे बीमार-
1. यदि आप स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं तो प्रातः काल सूर्योदय से पूर्व जरूर उठ जाएं। आप 5 से 5:30 बजे तक जरूर उठ जाइए।
2. प्रातः काल उठने के बाद आप दो से तीन गिलास सामान्य पानी या थोड़ा उबला हुआ पानी अवश्य पिएं यह दिन भर के लिए अमृत के समान कार्य करेगा। पानी पीने के थोड़े समय बाद आप शौच आदि कार्यों से निवृत्त हो जाइए यह जल पीने से आपका शौच कार्य भी निर्बाध एवं साफ होगा।
3. 'सुबह सुबह की हवा सौ रोगों की दवा' जी हां यदि आप पूर्ण स्वस्थ जीवन पाना चाहते हैं तो मॉर्निंग वॉक यानी की सुबह सुबह भ्रमण अवश्य कीजिए। सुबह-सुबह प्रकृति से मिलने वाली शुद्ध एवं स्वच्छ प्राणवायु आपके लिए संजीवनी के समान लाभदायक है अतः हर रोज सुबह 25 से 30 मिनट मॉर्निंग वॉक अवश्य कीजिए तथा साथ ही 15 से 20 मिनट व्यायाम भी अवश्य करना चाहिए।
4. अब बात करते हैं सुबह सुबह के नाश्ते या भोजन की ।सुबह का नाश्ता कहें या भोजन कहें, वह हमारे शास्त्रों में कहा है कि सूर्योदय से 3 या 4 घंटे तक का जो समय है, वह सुबह का भोजन करने के लिए सबसे उपयुक्त समय क्योंकि इस समय हमारे पेट की जठराग्नि यानी कि खाना पचाने की शक्ति बहुत तीव्र होती है और इस समय किया गया भोजन सर्वाधिक गुणकारी होता है अतः सुबह का भोजन 10:00 से 11:00 बजे तक अवश्य कर लेना चाहिए।
5. इसी तरह शाम को भोजन का समय भी बहुत महत्वपूर्ण है। आजकल भौतिक परिवेश में हम रात्रि भोजन करने लग गए हैं जबकि शास्त्रों में रात्रि भोजन का पूर्ण निषेध है भोजन हमेशा सूर्यास्त से एक मुहूर्त अर्थात लगभग 45 मिनट पूर्व कर लेना चाहिए। हमारे शाम के भोजन का समय 5:00 से 6:00 बजे तक होना चाहिए। इस समय तक हमें भोजन अवश्य कर लेना चाहिए। क्योंकि रात्रि में किया हुआ भोजन अच्छी तरह से पच नहीं पाता और अनेक रोगों को जन्म देता है अतः भोजन हमेशा सूर्यास्त से पूर्व ही करना चाहिए।
6. भोजन के समय के साथ-साथ यह भी जानना जरूरी है कि भोजन किस तरह करना चाहिए। इसके लिए एक छोटा सा सूत्र है-' खाने को पियो, पानी को खाओ।' भोजन को खूब चबा चबाकर जब तक कि वह बिल्कुल लिक्विड ना बन जाए तब तक उसे चबाना चाहिए ताकि वह हमारे पेट में जाकर आसानी से पच सके।
7. कई लोग भोजन के साथ या खाने के तुरंत बाद पानी पीते हैं। इस बात का सदा ध्यान रखें कि खाने के साथ या खाने के तुरंत बाद कभी भी पानी नहीं पिए क्योंकि पानी पीने से हमारे पेट की जो जठराग्नि या खाना पचाने की शक्ति है उस पानी के कारण कम हो जाती है और खाना आसानी से पचता नहीं है इसलिए खाने के साथ या खाने के तुरंत बाद कभी पानी नहीं पीना चाहिए।
8. अपने भोजन में हरी सब्जियां ,फल ,अंकुरित अन्न, और अलग-अलग प्रकार के आटे जैसे जौ, गेहूं ,बाजरा ,ज्वार आदि बदल बदल कर खाएं जिससे शरीर को सभी प्रकार के पौष्टिक तत्व समय समय पर मिलते रहे।
9. सुबह सुबह पानी, दिन में छाछ या दही और रात्रि में दूध का सेवन करें।
10. रात्रि में पूरी नींद लें, देर रात तक कभी ना जगे ।अधिक से अधिक 10:30 से 11:00 बजे तक अवश्य सो जाएं। अच्छी नींद अच्छे स्वास्थ्य को लेकर आती है।
तो यह है वह 10 बातें जिन्हें आप अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लेते हैं तो आप कभी बीमार नहीं होंगे और निरोग एवं प्रसन्न जीवन व्यतीत करेंगे।
1. यदि आप स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं तो प्रातः काल सूर्योदय से पूर्व जरूर उठ जाएं। आप 5 से 5:30 बजे तक जरूर उठ जाइए।
2. प्रातः काल उठने के बाद आप दो से तीन गिलास सामान्य पानी या थोड़ा उबला हुआ पानी अवश्य पिएं यह दिन भर के लिए अमृत के समान कार्य करेगा। पानी पीने के थोड़े समय बाद आप शौच आदि कार्यों से निवृत्त हो जाइए यह जल पीने से आपका शौच कार्य भी निर्बाध एवं साफ होगा।
3. 'सुबह सुबह की हवा सौ रोगों की दवा' जी हां यदि आप पूर्ण स्वस्थ जीवन पाना चाहते हैं तो मॉर्निंग वॉक यानी की सुबह सुबह भ्रमण अवश्य कीजिए। सुबह-सुबह प्रकृति से मिलने वाली शुद्ध एवं स्वच्छ प्राणवायु आपके लिए संजीवनी के समान लाभदायक है अतः हर रोज सुबह 25 से 30 मिनट मॉर्निंग वॉक अवश्य कीजिए तथा साथ ही 15 से 20 मिनट व्यायाम भी अवश्य करना चाहिए।
4. अब बात करते हैं सुबह सुबह के नाश्ते या भोजन की ।सुबह का नाश्ता कहें या भोजन कहें, वह हमारे शास्त्रों में कहा है कि सूर्योदय से 3 या 4 घंटे तक का जो समय है, वह सुबह का भोजन करने के लिए सबसे उपयुक्त समय क्योंकि इस समय हमारे पेट की जठराग्नि यानी कि खाना पचाने की शक्ति बहुत तीव्र होती है और इस समय किया गया भोजन सर्वाधिक गुणकारी होता है अतः सुबह का भोजन 10:00 से 11:00 बजे तक अवश्य कर लेना चाहिए।
5. इसी तरह शाम को भोजन का समय भी बहुत महत्वपूर्ण है। आजकल भौतिक परिवेश में हम रात्रि भोजन करने लग गए हैं जबकि शास्त्रों में रात्रि भोजन का पूर्ण निषेध है भोजन हमेशा सूर्यास्त से एक मुहूर्त अर्थात लगभग 45 मिनट पूर्व कर लेना चाहिए। हमारे शाम के भोजन का समय 5:00 से 6:00 बजे तक होना चाहिए। इस समय तक हमें भोजन अवश्य कर लेना चाहिए। क्योंकि रात्रि में किया हुआ भोजन अच्छी तरह से पच नहीं पाता और अनेक रोगों को जन्म देता है अतः भोजन हमेशा सूर्यास्त से पूर्व ही करना चाहिए।
6. भोजन के समय के साथ-साथ यह भी जानना जरूरी है कि भोजन किस तरह करना चाहिए। इसके लिए एक छोटा सा सूत्र है-' खाने को पियो, पानी को खाओ।' भोजन को खूब चबा चबाकर जब तक कि वह बिल्कुल लिक्विड ना बन जाए तब तक उसे चबाना चाहिए ताकि वह हमारे पेट में जाकर आसानी से पच सके।
7. कई लोग भोजन के साथ या खाने के तुरंत बाद पानी पीते हैं। इस बात का सदा ध्यान रखें कि खाने के साथ या खाने के तुरंत बाद कभी भी पानी नहीं पिए क्योंकि पानी पीने से हमारे पेट की जो जठराग्नि या खाना पचाने की शक्ति है उस पानी के कारण कम हो जाती है और खाना आसानी से पचता नहीं है इसलिए खाने के साथ या खाने के तुरंत बाद कभी पानी नहीं पीना चाहिए।
8. अपने भोजन में हरी सब्जियां ,फल ,अंकुरित अन्न, और अलग-अलग प्रकार के आटे जैसे जौ, गेहूं ,बाजरा ,ज्वार आदि बदल बदल कर खाएं जिससे शरीर को सभी प्रकार के पौष्टिक तत्व समय समय पर मिलते रहे।
9. सुबह सुबह पानी, दिन में छाछ या दही और रात्रि में दूध का सेवन करें।
10. रात्रि में पूरी नींद लें, देर रात तक कभी ना जगे ।अधिक से अधिक 10:30 से 11:00 बजे तक अवश्य सो जाएं। अच्छी नींद अच्छे स्वास्थ्य को लेकर आती है।
तो यह है वह 10 बातें जिन्हें आप अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लेते हैं तो आप कभी बीमार नहीं होंगे और निरोग एवं प्रसन्न जीवन व्यतीत करेंगे।

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