यात्रा पर जा रहे हैं तो साथ लेकर जाएं ये चीजें एक पुरानी कहावत है " लोटी डोर छन्ना,कनक कलेवा भन्ना" तो इसका सीधा मतलब यह है कि पुराने लोग जब कभी बाहर जाते थे तो ये छः चीजें जरूर साथ लेकर जाते थे ताकि उनकी यात्रा आसान रहे , तो आइए देखते हैं ऐसी कौन सी चीजें हैं जो यात्रा के लिए बहुत जरूरी है । ' पहला है लोटा,डोर और छन्ना' तो यह इसलिए चाहिए ताकि हम प्यास लगने पर आसानी से पानी छानकर पी सके तो आज के समय के हिसाब से देखें तो हम अपने साथ पानी की बोतल जरूर लेकर जाए। यात्रा के लिए जाए तो बहुत जरूरी है कि बाहर बहुत जगह शुद्ध पानी नहीं मिल पाता है । दूसरा है 'कनक' - कनक का मतलब होता है तो आटा। पहले लोग यात्रा के समय अपने साथ आटा और दूसरा ज़रूरी सामान ले जाया करते थे ताकि जरूरत पड़ने पर अपने भूख के हिसाब से खाना बनाया जा सके। तीसरा है 'कलेवा'- कलेवा का मतलब है तैयार नाश्ता । आज भी हम मगर बाहर जाए तो कुछ नाश्ता घर से जरूर बना कर ले जाएं ताकि भूख लगने पर हम आसानी से नाश्ता कर सके व हमें बाहर का अनहेल्थ...